pariyon ki kahani, ak anokhi parilok ki kahani, परियों की कहानी


20/06/2020 STORY HINDI STORY

 

 

 

 

 

 

 

pariyon ki kahani, ak anokhi parilok ki kahani, परियों की कहानी

देर बाद एक दिन दो बहनें - एलिस और इलियट अपनी मां को बताए बिना खेलने निकल गईं । वे खेलते - खेलते काफी दूर चली गईं और एक पेड़ के नीचे जा बैठीं । कुछ उन्हें एहसास हुआ कि वे खो गई हैं । तभी एलिस के कंधे पर कोई आकर बैठ गया । वह एक नन्ही - सी परी थी । उसने हौले से कहा , “ तुमने अपनी मां को नहीं बताया कि तुम खेलने जा रही हो ? " " हां , लेकिन अब हम क्या करें ? " दोनों रोने लगीं । " रोना बंद करो और अपने आसपास देखो । " परी ने मुस्कराते हुए कहा । एलिस और इलियट ने अपने आंसू पोंछ लिए और देखा कि वे तो परीलोक में हैं ।

pariyon ki kahani

उनके आसपास छोटे - छोटे फूल खिले थे । बौने यहां वहां भाग रहे थे । ठंडी हवा में झूमते पेड़ मानो गीत गा रहे थे । एलिस और इलियट ने वहां बहुत अच्छा समय बिताया । कुछ देर बाद नन्ही परी ने कहा , “ अब खरगोश तुम्हें घर छोड़ आएंगे । " दो खरगोशों ने एलिस और इलियट को उनके घर तक जाने का रास्ता बता दिया । घर पहुंचकर दोनों बहनों ने अपनी परेशान मां से माफी मांगी । अगली बार जब दोनों बहनें परी से मिलने गईं , तो वे अपनी मां को भी साथ ले गईं ।

 

 

 

 

 

 

 

 


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