Hindi Horror Story | श्रापित हवेली | bhoot ki kahani


23/02/2020 STORY HINDI STORY

 

Hindi Horror Story |श्रापित हवेली | bhoot ki kahani

बहुत समय पहले की बात है। पहाड़ों के पास एक खाली हवेली थी। उसमें कोई भी रात को ठहरता तो सुबह तक वही गायब हो जाता था। एक दिन तीन दोस्त राहुल सलीम और पंकज नाम के पहाड़ों पर बर्फ के मज़े लेने निकलते है। और टहलते-टहलते रात हो जाता है। फिर सलीम को वह हवेली दिखाई देता है। और सलीम कहता है। चलों इस हवेली मे रात गुजारते है और सुबह होते ही घर चले जायेंगे। पर क्योंकि राहुल और पंकज के पास कोई भी रास्ता नहीं था। तो वे तीनों उस हवेली में रात गुजारने का निर्णय लिया। फिर जैसे जैसे वे तीनों हवेली के अंदर घुसने लगते हैं। हवी से सां-सां की आवाज आने लगती है। पक्षी उधर भागने लगते है, फिर राहुल कहता है। मुझे यह हवेली कुछ ठीक नहीं लग रहा है।

 

चलो इस हवेली से निकल चलते हैं। तभी सलीम कहते हैं। ये हवेली काफी समय से खाली पड़ी है। इसलिए पक्षियों ने घर बना लिया है। फिर पंकज कहता है। वापस चलों यह हवेली मुझे भी कुछ ठीक नहीं लग रहा है। फिर सलीम उसे चुप कराके तीनों अपनी टोर्च जलाकर अन्दर जाते है। और एक-एक कमरे में जाकर देखने लगते है। राहुल जैसे ही एक कमरा के दरवाजे खेलता है। अजीब सी आवाज आती हैं। और थोड़ा डर जाते हैं। पर हिम्मत करके अंदर घुसते हैं। फिर उनकी नजर वह टंगी हुई फोटो पर जाती है। फिर वह कहता है इस फोटो मे इस आदमी का कितने बड़ी-बड़ी मूंछें हैं। और  हाथ में तलवार है, जरूर ये हवेली के मालिक ही होंगे। फिर वे तीनों डरते-डरते आगे बढ़ते हैं।

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और फिर उन्हें तलवार, माला, शाही रक्त और खिताब रखा हुआ दिखता है। और उन वस्तू के पास जाते हैं। तभी उन्हें कुछ अजीब-अजीब सी आवाज़ सुनाई देती है। फिर सलीम और पंकज दूसरे कमरे में घुस जाती है। और राहुल वहीं बैठा रहता है। फिर जैसे ही वे दोनों कमरे में घुसते ही उन्हें एक आदमी का कंकाल दिखता है। तो सलीम और पंकज डर जाता है। और कहता है, भाई तुम सही कह रहे थे। यह हवेली ठीक नहीं है। फिर वें राहुल को आगे पीछे देखते हैं, और राहुल नहीं मिलता उन्हें फिर जैसे ही राहुल-राहुल की आवाज लगता है, कंगाल कुछ कदम आगे बढ़ता है। फिर उन्हें जैसे ही लगता है, कि कंकाल हिल रहा है। वे दोनों दुम-दबाकर भागने लगता है। तभी कंकाल भी उनके पीछे-पीछे चलने लगता है।

 फिर भागते-भागते वे लोग नीचे हॉल में पहुँच जाते हैं। तभी बहुत सारी कंकाल की हसने की आवाज सुनाई देती है। तभी कंकाल कहता है, में तुम सभी का शिकार करूंगा। आज तक जो भी इस हवेली में आया है बचकर नही गया है। तभी पंकज कहते हैं। भगवान ने हमें फंसाया है, तो भगवान ही हमें बचाएंगे चलों सब मिलकर हनुमान चालीसा गाते हैं। फिर भी तीनों दोस्त मिलकर जोर-जोर से हनुमान चालीसा गाने लगते हैं। जैसे ही हनुमान चालीसा गाने की आवाज सुनाई देती है। इन कंकाल की शक्ति कम होने लगती है। कंकाल की कदम आगे बढ़ नहीं पाते है। फिर जैसे-जैसे हनुमान चालीसा का पाठ तेज-तेज करने लगते हैं कंकाल एक-एक करके गिरने लगें। उनकी शक्ति कमजोर होने लगती है। और वें शक्तिहीन हो जाते है।

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राहुल पंकज और सलीम ने भी आगे कदम बढ़ाए और गेट ढूँढ़कर बाहर निकलने लगे तभी सुबह होने लगी, कंगाल अब जान गए थी कि वे उन तीनों का कुछ नहीं कर सकते क्योंकि सूरज निकलते ही वें वापस बेजान कंकाल बन जाएंगे राहुल पंकज और सलीम आखिरकार अपनी सूझबूझ से बचकर उस कंकाल हवेली से सही सलामत निकल जाते हैं। तभी सुबह हो जाती है। और सूरज निकलता है। फिर पंकज कहते है, कि ऐ हवेली कितनों को अपना शिकार बना चुकी है। 

अभी दिन है, अभी ऐ सब कंकाल बेजान होकर पढ़े होंगे क्यों ना हम सब इन सब कंकालों को इकट्ठा करके जला दें जिससे मुसीबत जड़ से ही खत्म हो जाए। फिर वें तीनों दोस्त हवेली में एक बार फिर घुसते हैं। और इस बार सारे कंकालों को इकठ्ठा करके जला देते हैं। और वह हवेली हमेशा-हमेशा के लिए कंकालों से मुक्त हो जाती है। अब वहाँ कोई भी आराम से ठहर कर आराम कर सकता था।

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