Motivational hindi kahani

Motivational hindi kahani

Motivational hindi kahani :- एक भेड़िया भूख से बेहाल था । घूमते – घूमते वह एक कुत्तेसे मिला । कुत्ते ने भेड़िया सेकहा , तुम मेरी तरह एक स्थान पर टिककर काम क्यों नहीं करते, जिससे तुम्हें पेटभर खाना भीमिल जाएगा और तुम्हें भटकना भी नहीं पड़ेगा । भेड़िये ने जवाबदिया कि मैं एक स्थान परटिककर रह लँगा परन्तु इसके लिए इंतजाम करना होगा तो कुत्ता बोला “ मैं तुम्हारे लिए आसानी से ऐसा इंतजाम कर सकता हूँ । तुम मेरे साथ चलो । फिर वह कुत्ता औरभेड़िया एक साथ चलनेलगे । तभी भेड़िये ने देखा कि कुत्ते के गर्दन के बाल उड़े हुए थे । तो भेड़िये ने इसका कारण पूछा ।


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गरमी का मौसम था । तेज धूप के कारण भयंकर | | गर्मी पड़ रही थी । दोपहर के समयसभी अपने – अपने घरों में आराम कर रहे थे । ऐसे समय में भी चींटियाँ आराम नहीं कर रहीथीं । वे खाने की सामग्री अपने घर में इकट्ठा करने में व्यस्त थीं । शायद वे भविष्य के लिएसंग्रह कर रही थीं । वहीं पर एक टिड्डा भी आराम से लेटा हुआ था और गाना गा रहा था ।उसने चींटियों को देखा तो हँसने लगा और बोला , ” अरे लालची चींटियों ! क्यों इस गरमीमें जान दे रही हो ? थोड़ा आराम कर लो । तुम सब कितनी लालची हो ! मुझे देखो , मैं खापीकर मस्त हूँ ।

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जिंदगी के मजे ले रहा हूँ । “ उनमें से एक चींटी बोली , टिड्डे भाई ! हम लोग बरसातके दिन के लिए खाने का सामान इकट्ठा कर रहे हैं । तुम्हें भी भविष्य के लिए कुछइकट्ठा कर लेना चाहिए । टिड्डा जोर से हँसा और बोला , “ कल की कल देखी जाएगी । अभी से क्यों मरूँ ? ” उसे चींटियों के | बात समझ में नहीं आई । गरमीके बाद बरसात का मौसम भी आ आया आकाश में बादल घिर आए ।

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देखते ही देखते पानी बरसने लगा । धरती पर पानी ही पानी दिखाई पड़ने लगा । ऐसे समय में चींटियाँ जमीन के अंदर चली गईं । उनके पास तो खाने का काफी सामान था । वे आराम सेसमय बिताने लगीं । इधर टिड्डे के लिए भोजन जुटाना मुश्किल हो गया । वह भूख से मरने लगा । उसे चींटियों की बहुत याद आई । उसने उनका दरवाजा खटखटाया । टिड्डा कहा ,“ चींटी बहन ! कृपा कर मुझे भी खाने के लिए कुछ दे दो ।

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मैं बहुत भूखा हूँ । ” चींटी ने जवाब दिया , ” गरमी के दिनों में तो तुम आराम कर रहे थे ,गाना गाकर जिंदगी के मजे ले रहे थे । तुम जैसे आलसी को तो मैं एक दाना भी नहीं देसकती । उसने झट से दरवाजा बंद कर लिया और चींटी गाना गाने लगी – ऐ मौसमआया है आया है । इधर टिड्डे को समझ में आ गया कि – “ आज की बचत ही कल काम आती है । “

Raja ki kahani || राजा की कहानी

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