Asli bhoot ki kahani | एक अनदेखी चुड़ैल की कहानी


17/01/2020 KIDS STORY

Asli bhoot ki kahani | एक अनदेखी चुड़ैल की कहानी

एक गांव में एक अस्पताल था। उस अस्पताल में एक नर्स थी। उस नर्स के उपर एक chudail का साया था। वह रात की तीन बचते ही चुरेल में बदल जाती थी। इसीलिए वह हर दिन रात को तीन बजने से पहले वह खुद को क़ैद कर लेती थी। फिर जैसे ही रात के तीन बजते ही वह chudail में बदल जाती थी। वह बहुत डरावनी बन जाती थी। और और भूखा के मारे तड़प रही थी। लेकिन कमरा बंद होने की वजह से चुड़ैल उस कमरे में ही कैद होकर रह जाती थी। वह chudail पूरी रात भर उस कमरे से निकलने की कोशीश करती रहती थी। लेकिन उसकी सारी कोशिशे असफल हो जाती थी। फिर एक दिन सुबह होने पर वह भूतिया नर्स दवाएं लेकर मरीज के पास आती है। और मरीज कहता है।

नर्स नमस्ते कैसे हो आप नर्स कहती है, मैं बिल्कुल ठीक हूँ टिंगू जी आपकी तबियत कैसी है, मर्जी वैसे तो सब कुछ ठीक है, लेकिन दो दिन हो गए वह रात को सो नहीं पा रहा हूँ आखिरी रात होते ही अजीब अजीब सी भूतिया आवाजें आने लगती हैं। हमारी तो डर के मारे जान ही निकल जाती क्या आपको भी आवाजें सुनाई देती है। क्या फिर नर्स कहती है, नहीं नहीं मैने तो कभी ऐसी आवाज नहीं सुनी आपको जरूर वेहम हो रहा होगा कभी-कभी दवा के नशे की वजह से भी ऐसा होता है। आपको घबराने की कोई जरूरत नहीं है। फिर इतना बोलकर वह नर्स वहाँ से चली जाती है तभी उस अस्पताल में एक मनचला भर्ती होने आता हैं। उसका नाम ललिया होता है। तभी वह नर्स ललिया को दवाई देने आती है। इतनी सुंदर नर्स देखकर ललिया का दिल मचल उठता है।(bhoot ki kahani)

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उस नर्स को देखते ही उसके मन में लड्डू फूटने लगती है। फिर नर्स ललिया से कहती हैं लो ये दवाई खा लो कल सुबह डॉक्टर साहब आएँगे तुम्हे जो भी तकलीफ हो उन्हें बता देना। ललिया नर्स से गलत तरीके से पेश आते हैं। और तभी नर्स वह से गुस्से से चली जाती है। तभी दुसरे मरीज़ कहता है, भाई तुम्हे नर्स से ज्यादा बत्तेमजी नहीं करनी चाहिए इसका दिमाग ख़राब हो गया ना तो ये तुम्हे जानवरों का टीका लगा देगी, इतना सुनते ही ललिया डर जाता है। फिर रात होने पर नर्स को आज वक्त का पता ही नहीं चला है फिर वह जल्दी जल्दी जाती है। और रोज़ की तरह खाली पड़े कमरे घुस जाती लेकिन उस दिन जल्दबाजी में दरवाजे में ताला मारना भूल जाती है। और दरवाजा खुला रह जाता है। फिर जैसे ही रात के तीन बजता है।

वह नर्स chudail में बदलने लगती है कुछ देर में chudail बन जाती है। तभी भुतिया आवाज़ आने लगती है। तभी ललिया कहता है। भाई ये कैसी आवाज़े आ रही है लगता है कोई chudail है। दुसरे मरीज़ कहता है तुम डरो मत यह अवाज़ सुबह होते ही अपने आप बंद हो जाएगा। ललिया कहता है। मैं अभी नर्स को इसके बारे में बता कर आता हूँ, तभी ललिया चलती चलती उस कमरे के पास जाता है। फिर जैसे भी उसकी नजर कमरे में पड़ती है उसकी सिट्टी पिट्टी गुल हो जाती है। सामने एक chudail बैठी हुई होती हैं। chudail को देखकर ललिया वह से भागने लगता है। और चुड़ैल उसका पीछा करने लगती है। दरवाज़ा खुला देखकर वह उस कमरे से बाहर निकल जाती है। ललिया सीधा अपनी बोर्ड की तरफ जाता है। डर के मारे उसकी हालत ख़राब हो चुकी होती है वे सीधा भागता हुआ जाता है।(chudail ki kahani)

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और अपने बेड के पीछे छुप जाता है। ललिया कहता है, टिंकू भाई वह नर्स तो चुड़ैल निकली जल्दी जाओ और दरवाज़ा बंद करो नहीं तो वह chudail यहाँ आ जाएगी वो किसी को जिंदा नहीं छोड़ेगी जल्दी दरवाजा अंदर से बंद कर लो फिर टिंकू भागता हुआ जाता है। और दरवाजा अंदर से बंद कर देता है। तभी वह chudail वहाँ पहुँच जाती है। और कहती है, मैं तुम तीनो को नहीं छोड़ूंगी मैं बहुत समय से भूखी हूँ ये नर्स रोज़ मुझे उस कमरे में कैद कर देती थी। जिसकी वजह से मैं शिकार भी नहीं कर पा रही थी। लेकिन आज मैं आजाद हो गयी जल्दी दरवाज़ा खोल दे आज मैं तुम्हें कच्चा खाऊंगी और अपनी भूख मिटाऊंगी। फिर नर्स कहती है। तू ऐसे दरवाज़ा नहीं खोलेंगे रुक तुझे अभी बताती हूँ फिर वे जोरशोर से दरवाजा पीटने लगती है। 

तभी ललिया की नजर वॉर्ड पर बनी एक खिड़की पर पड़ती है। फिर तीनो वॉर्ड बनी खिड़की से कूद जाते हैं और अस्पताल से बाहर निकल जाती है। और वहां से भागते-भागते एक जंगल में घुस जाती है। वह उन्हीं एक पुरानी कुटिया खाई देती हैं। तीनों भागकर उसके अन्दर छिप जाती है। और वहीं दूसरी तरफ यह chudail वार्ड का दरवाजा तोड़कर अंदर घुस जाती है। लेकिन उन तीनों को वहाँ ना देखकर गुस्सा हो जाती है। वहीं ललिया कहता है, वह chudail हमें सुघते हुए किसी भी वक्त यहाँ आ सकती है। हमें यह ज्यादा देर तक ही रखना नहीं चाहिए। तभी टिंकू कहा लेकिन भाई इतनी रात को जंगल में भटना भी तो खतरे से खाली नहीं होगा अगर कोई जंगली जानवर हमें मिल गया तो हमें कच्चा ही खा जाएगा हमें यहीं रुककर सुबह तक इंतजार करना चाहिए।(bhutiya chudail)

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तभी वह chudail उन तीनों को सुघते-सुघते वहाँ पहुँच जाती है। और वह आकर दरवाज़ा ठक-ठक करता है। और ललिया को पुकारता है। तभी टिंकू अपने दोस्त से कहता है। तुम इसके पैर पकड़ो हम ललिया का गर्दन पकड़ता हूँ और इसे उठाकर बाहर फेंक देते हैं। तभी हमारी जान बचेगी। इतना कहते ही टिंकू और उसके दोस्त मिलकर ललिया को कुटिया के बाहर फेंक देते है। फिर जैसे ही chudail ललिया को मारने लगती है उसका ताबीज सामने आ जाता है। ताबीज देखते ही chudail घबरा जाती है। और डर के मारी पीछे हट जाती है। फिर ललिया आँख खोलकर देखता है कि chudail उस पर हमला नहीं कर रही है उल्टा डरी सहमी हुई खड़ी है। फिर उसकी नजर अपने ताबीज़ पर जाती है। फिर वह सोचता है, ये chudail इस ताबीज से डर रही है। फिर वे दोनों ही भागकर बाहर ललिया के पास पहुँच जाती है।

 फिर टिंकू कहता है, ललिया तुम्हारे इस ताबीज ने हमारी जान बचा ली, अब हमें इस chudail का कुछ ना कुछ करना होगा नहीं तो वह फिर किसी को अपना शिकार बनाएगी। तभी टिंकू कहता है, इस ताबीज को chudail की ओर उछाल दो ताकि ऐ सीधा उसके गले में चला जाएगा फिर ललिया उस ताबीज को चुड़ैल की ओर उछाल देता है। और ताबीज सीधा उसके गले में पड़ जाता हैं। तभी चुड़ैल के शरीर में आग लग जाती है। और चुड़ैल चिख-चिख कर भगवान को पुकारने लगता है। और फिर देखते ही देखते उस चुड़ैल का साया उस नर्स के उपर से हट जाता है। और वह नर्स में बदल जाती है। और नर्स ठीक हो जाती है। फिर ललिया उस नर्स से कहता है, इस ताबीज़ को तुम ही रख लो ऐ हमेशा तुम्हारी रक्षा करेंगी। इसी तरह नर्स को उस चुड़ैल से हमेशा के लिए छुटकारा मिल जाता है।(Asli bhoot ki kahani | एक अनदेखी चुड़ैल की कहानी)


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