bhoot ki kahani | एक डरावना पत्नी की कहानी


09/01/2020 KIDS STORY

bhoot ki kahani

एक गांव में एक लालची औरत अपने पति के साथ रहती थी उसका एक बेटा था। जिसका नाम बाबूलाल था वह कोई काम धाम नहीं करता था, बस पूरा दिन गांव में इधर उधर मंडराता रहता था। एक दिन बाबूलाल रास्ते से गुजर रहा था उसे एक खुबसूरत सुमन नाम लड़की दिखा बाबूलाल ने उसे प्यारी कहा लड़की ने उसे कहा की एक बार अगर और मुझे राम प्यारी बोले न तो एक लगाउंगी चुपचाप वहाँ से चला जा नहीं तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा  बाबूलाल ने कहा अरे सुमन तुम गुस्सा क्यों होती हो तो मुझे बहुत अच्छी लगती हो मैं तुमसे शादी करना चाहता हूँ। सुमन ने कहा मुझसे शादी के सपने छोड़ और निकल यहाँ से  बढ़ाया आया शादी करने वाला फिर इतना बोलकर सुमन गुस्से में वहाँ से चली जाती है तभी बाबूलाल का दोस्त वहाँ से गुजर रहा होता है।

bhoot pret ki kahani

उसका दोस्त पुछा अरे बाबू भाई ये सुमन तुमसे क्या कह रही थी बाबूलाल ने कहा कुछ नहीं भाई अपना प्यार का इजहार कर रही थी, उसका दोस्त ने कहा लेकिन भाई उसके अभाव से तो कुछ और ही लगरहा था बाबूभाई मेरी बात मानो तुम इस से दूर ही रहा करो गाँव वाले बोलते है इस सुमन के  ऊपर चुड़ैल का साया है ये रात को अकेले वीराने में घूमती हैं कुछ लोगों ने तो इसके उल्टे पैर तक देखे तुम्हें पता है ना उलटे पैर चुड़ैल की निशानी होते हैं बाबूलाल ने कहा चल बेवकूफ तेरा दिमाग ख़राब हो गया जो इतनी सुन्दर लड़की को छुड़ाया बोल रहा है सुमन कोई चुड़ैल नहीं है मैं तो इसी से शादी करूँगा फिर इतना बोलकर वह अपने घर की ओर चल देता है। बाबुलाल घर जाकर अपनी मामा से कहता है।

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अब मेरी शादी की उम्र हो गई है, मेरी किसी सुंदर सी लड़की से शादी करा दो ना तभी पिताजी आये और बोलें हाँ हाँ क्यों नहीं अगर राजा बेटाक् का कोई और भी अरमान है तो वो भी बता दीजिये आपके सारे अरमान एक साथ ही पूरे करवा देंगे काम धाम तो कुछ करना नहीं है तेरी उम्र के सारे लड़के कुछ न कुछ काम कर रहे हैं और एक तू है पूरा दिन घूमता रहता है और मुफ्त की रोटीया तो उड़ता रहता है। भला तो जैसे लड़के को कोई लड़की क्यों देगा पहले कोई काम धाम करके कुछ पैसे वैसे कमा के दिखाओ फिर शादी के सपने देखना चल भाग यहाँ से आवारा कहीं का तो किसी काम का नहीं है बाबूलाल ने कहा देखो ना माँ पिताजी हमेशा मेरी बेइज्जती करते रहते हैं।

किसी दिन में घर छोड़ के चला जाऊंगा अरे नहीं बेटा कैसी बातें कर रहे हो ये सब तुम्हारा ही तो है तभी बाबूलाल ने कहा मुझे सुमन बहुत पसंद हैं मां ने कहा तेरा रिश्ता लेकर जाओ न ठीक है फिर अगले दिन बाबूलाल की माँ सुमन के घर रिश्ता लेकर जाती हैं और उन्हें अपने पैसो का रुबाब दिखाती है तभी सुमन के पिताजी कहते है कि बहन जी आप बहुत अमीर लोग हैं और हमारी मेरे पास आपको देने के लिए कुछ भी नहीं हैं तभी बाबूलाल के मां कहती है तुम्हारी किस्मत बहुत अच्छी है जो तुम्हारी लड़की की शादी मेरे बेटे से हो रही है बस तुम सुमन की शादी मेरे बेटे से करवा दो मुझे तुमसे कुछ नहीं चाहिए इतना बोलकर वह वापस अपने घर की ओर चल देती है अगले दिन सुबह और बाबूलाल की शादी हो जाती है।

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रात होने पर बाबूलाल और सुमन कमरे में सो रहे होते हैं तभी सुमन उठती है और सीधा घर से बाहर निकल जाती है और जंगल की ओर चल पड़ती है बाबूलाल की दोस्त को सुमन पर पहले से ही शक होता है इसलिए वह उस पर पहले से ही निगरा रखें हूए होता है फिर उसका दोस्त सुमन का पीछा करने लगता है तभी चलते चलते सुमन के पैर उल्टे हो जाती है और वह देख लेता है तभी देखते ही देखते सुमन चुड़ैल में बदल जाती है और गुफा के अंदर घुस जाती है उसके दोस्त की आँखें फटी की फटी रह जाती है फिर वह सीधा भागता हुआ बाबूलाल के घर जाता है और खिड़की से उसे आवाज देता है ये बताओ कि क्या सुमन घर पे है इतने में सुमन वहा आ जाती है और वह वहाँ से दुम दबाकर भाग जाता है।

सुबह होते बाबूलाल की मां गुस्से से लाल हो जाती है क्योंकि सुमन अभी तक सो रही होती है सुमन गुस्से में आकर बाबूलाल के मां के बाल नोचने लग जाती है तभी बाबूलाल अपने कमरे से निकलकर वहाँ पहुँचा आता है वह यह सब देखकर कहता है तेरी इतनी हिम्मत तु मेरी माँ के साथ ऐसा सलूक करेगी अभी मेरी माँ को छोड़ दें वरना अच्छा नहीं होगा फिर सुमन उसे छोड़ देती है और और अपने कमरे में चली जाती है फिर बाबूलाल परेशान होकर घर से बाहर निकल जाता है वहाँ उसका दोस्त सीमा मिलता है और उसे अपनी सारी बातें बताता है और उसका दोस्त बताता है कि भाई मैने तो पहले ही कहा था कि सुमन कोई साधारण लड़की नहीं है उसके ऊपर चुड़ैल का साया है, एक बहुत आसान रास्ता है अगर तुम उस चुड़ैल के सामने आईना रख दोगे तो तुम्हे उसकी असलियत उस आईने में दिख जाएँगी फिर वे दोनों अपने अपने घर की ओर चल देते हैं।

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रात होने पर बाबू सुमन के लिए एक फूलों का गजरा लेकर घर पहुँच जाता है गजरा देखकर बहुत खुश हो जाती है फिर वो गजरा अपने बालों में लगाकर शीशे के सामने पहुँच जाती है तभी उसके पीछे पीछे बाबुलाल भी पहुँच जाता है सुमन जैसे ही अपनी आप को शीशे में देखती है उसकी असलियत उसमें दिखाई देने लगती है बाबूलाल की आँखें फटी की फटी रह जाती तभी चुड़ैल कहती है अच्छा हुआ तुझे मेरी असलियत के बारे में पता चल गया मैं आज रात को तेरी ही बली देने वाली थी तभी बाबूलाल अपनी जान बचाकर अपने दोस्त के घर जाकर कहा भाई मुझे बचाओ मेरी बीवी चुड़ैल निकली तुम सही कहते थे।

तभी उसके दोस्त की बीवी कहती है आपका ये दोस्त अपने साथ साथ हमें भी मरवा के छोड़ेगा उसे अभी घर से बाहर निकालो तभी बाबूलाल कहता है अपनी वजह से तुम्हारे मासूम बच्चों की जान खतरे में नहीं हो सकता मैं अभी के अभी घर से चला जाता हूँ तभी उसके दोस्त ने कहा रुको मेरे दोस्त अगर मरना ही है तो मैं भी तुम्हारे साथ मरूंगा मैं अपने दोस्त को अकेला नहीं छोड़ सकता मुझे अपनी दोस्ती निभानी होगी आज अपने दोस्त का साथ नहीं दिया तो ये दुनिया कभी भी किसी की दोस्ती पर बात नहीं करेगी अगर अपनी दोस्ती साबित करने के लिए

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अपनी जान भी देनी पड़ी तो मैं दे दूंगा बाबूलाल ने कहा उसका दोस्त ने कहा मैं किसी को जानता हूँ जिसके सामने ये चुड़ैल पल भर के लिए भी नहीं टिक पाएगी तभी चीमा भागकर घर में बने मंदिर की ओर जाता है वे माहाबली हनुमान की मूर्ति लेकर आता है और कहता है  चलों ईस चुड़ैल को सबक सिखाने का वक्त आ गया है वह दोनों चुड़ैल के सामने जाकर बोलो महाबली हनुमान की जाए सियापति रामचंद्रन भगवान की जाए पवनसुत हनुमान की जाए और हनुमान चालीसा का उपयोग किया फिर कुछ ही पलों में वह चुड़ैल जलकर खाक हो जाती और एक बार फिर  बुराई पर अच्छाई की जीत होती है।


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PARMESHWAR KUMAR :
nice

2020-01-13 12:16:47am

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